जादुई चक्की की कहानी | Jadui Chakki Jadui Chakki

जादुई चक्की की कहानी | Jadui Chakki ki Kahani | Hindi Kahaniya


जादुई चक्की की कहानी | Jadui Chakki ki Kahani

Jadui Chakkiएक शहर में मोनू नाम का व्यक्ति रहता था मोनू बहुत ही गरीब था वह अपने परिवार के साथ बहोत मुश्किल से जीवन व्यापन कर रहा था क्योकि वह अपने परिवार को कोई भी सुख सुविधा नहीं दे पा रहा था पर फिर भी मोनू हमेशा यही सोचा करता था की ईश्वर जो भी करते हैं अच्छे के लिए ही करते हैं उसको लगता था की जरूर ईश्वर ने उसके लिए कुछ अच्छा ही सोचा होगा जिसे वक़्त आने पर ही देंगे | 

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एक दिन रात को मोनू सो रहा था अचानक वह एक स्वप्न देखता हैं की उसको एक जादुई चक्की मिल गई हैं और वह उस जादुई चक्की से जो भी सामान मांगता हैं वह सामान उसे मिल जाता  हैं जिससे उसकी सभी समस्याए ख़त्म हो गई हैं वह जादुई चक्की उसके लिए हर तरह का पकवान ला रही हैं वह भी सिर्फ पकवान का नाम लेते ही  ऐसा हो जाता हैं मोनू सवप्न में बहोत खुश हो रहा था अचानक उससे कोई हाथ लगा कर जगाता हैं तो उसका स्वप्न टूट जाता हैं वो देखता हैं की सुबह हो चुकी हैं | 

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वह उठ कर हाथ मुँह धो कर अपनी पत्नी को सारा स्वप्न बताता हैं की मेने एक ऐसी चक्की देखि जो हमारे लिए काम कर रही थी तो पत्नी उसको समझती हैं की वो बस एक स्वप्न था हकीकत में ऐसा कुछ नहीं होता हैं अब तुम जाग गए हो और इस तरह के स्वप्न कभी सच नहीं होते हैं सच तो यह हैं की हमारी परिस्थितिया जरूरत से ज्यादा ख़राब हैं और हम कुछ भी नहीं कर पर रहे हैं मोनू को भी यह बात समझ आ जाती हैं की हकीकत में ऐसा कुछ नहीं हो सकता हैं| 

मोनू अपने काम में लग जाता हैं पर वह उस जादुई चक्की के स्वप्न को भुला नहीं पा रहा था उसे याद आ रहा था की स्वप्न में कैसे तालाब के किनारे पर उसे वह जादुई चक्की मिली थी तभी मोनू को लगा की शायद यह स्वप्न सच भी हो सकता हैं वह यह सोचकर तुरंत तालाब के किनारे चला जाता हैं पर वह जाकर देखता हैं की वह कोई भी चक्की नहीं थी यह देख कर वह उदास हो जाता हैं तभी उस तालाब के दूसरे किनारे से उसे एक लकड़ी की नाव लहरों के साथ आती दिखती हैं पर उस नाव में कोई भी नहीं था रामु उस नाव पर चढ़ कर देखता हैं की उसमे एक चक्की रखी हुई थी और अब उसको ऐसा लग रहा था की उसका स्वप्न सच हो गया हैं |

वो उसे एक टक देख रहा था की जो जादुई चक्की उसने सपने में देखि थी वह उसके सामने पड़ी थी और उसका सवप्न पूरा हो चूका था वह उस चक्की को उठता हैं और अपने घर चला जाता हैं और जाते ही अपनी पत्नी को कहता हैं देखो ईश्वर ने मेरा स्वप्न पूरा कर दिया हैं जो जादुई चक्की मेने स्वप्न में देखि थी वो मुझे मिल गई हैं उसकी पत्नी चक्की को देख कर कहती हैं की तुम सही बोल रहे हो पर तुम्हे पता भी हैं की यह काम कैसे करती हैं | 

तब मोनू अपनी पत्नी से कहता हैं की इसके सामने जो भी नाम लेंगे यह अपने आप घूमने लग जाएगी और वह चीज हमें दे देगी पर पत्नी को इस बात पर बिलकुल विश्वास नहीं हो रहा था | 

तब मोनू चक्की से कहता हैं की हमारे घर में बहोत सारा आटा आ जाये तो चक्की चलने लग जाती हैं और घर में बहोत सारा आटा आ जाता हैं अब मोनू कहता हैं की बहोत सारी दाल भी आ जाये तो चक्की फिर चलने लग जाती हैं और बहोत सारी दाल भी आ जाती हैं |मोनू उस दिन बहोत दिनों बाद पेट भर कर खाना खा रहा था और सोच रहा था की ईश्वर जो करते हैं अच्छा करते हैं |  
अब मोनू के दिन बदल गए थे अब उसे किसी भी चीज की कमी नहीं थी पर मोनू ने कभी धन मांग कर लालच नहीं किया मोनू बस अपने परिवार के लिए खाना मांगता था उसकी पत्नी को भी विश्वास हो चूका था की अब उनके मुसीबत के दिन गुजर चुके हैं पर उनका एक पडोसी मोनू को सुखी सुखी देख जल रहा था | 

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वो सोचता की एक समय मोनू के पास कुछ नहीं था और आज यह इतना ख़ुशी ख़ुशी कैसे रहता हैं इसके पीछे जरूर कोई वजह हैं जिसका मुझे पता नहीं हैं वह पता करने के लिए एक रात मोनू की खिड़की के पास खड़ा हो जाता हैं और एक छेद में से देखता हैं की जादुई चक्की कैसे सब कुछ बना रही थी एक बार तो उसे विश्वास नहीं हुआ पर अपनी आँखों से देख रा था उसे समझ आ गया की मोनू के खुश होने की वजह यह थी | 
वह उस जादुई चक्की को पाना चाहता था उसके लिए वो एक रात उसक जादुई चक्की को चुरा लेता हैं और अपनी पत्नी को सारी बात बताता हैं और पत्नी को कहता हैं की हमें आज ही अपना शहर छोड़ना पड़ेगा अब हमारा यहाँ रहना ठीक नहीं हैं वो पास के समंदर के किनारे से एक नाव लेके निकल जाते हैं रस्ते में उसकी पत्नी कहती हैं की कही यह साधारण चक्की तो नहीं हैं एक बार इसको आजमा कर देखना चाहिए |
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तो उसका पति  आजमाने के लिए चक्की से कहता हैं की बहोत सारी दाल आ जाये तो चक्की चलना शुरू हो जाती हैं और बहोत सारी दाल आ जाती हैं पर जादुई चक्की रुक नहीं रही थी और वह उसे रोकना भी नहीं जनता था धीरे धीरे दाल के वजन से नाव डूब जाती हैं और दोनों को अपनी जान गंवानी पड़ती हैं | उनको उनके लालच का फल मिल जाता हैं |
कहानी से शिक्षा :- इस तरह यह कहानी हमे यही कहती है की हमे कभी भी लालच  नहीं करना चाहिए |  

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