मछुवारा और जादुई मछली | machhiwara aur jadui machli

मछुवारा  और जादुई  मछली | Jadui Machli Kahani | Kahani Jadui Machli | Hindi Kahaniya


मछुवारा  और जादुई  मछली | Jadui Machli Kahani


Jadui Machli ki Kahaniबहोत समय पहले की बात हैं एक समंदर के किनारे पर बसे गांव में एक मछुवारा रहता था एक दिन वो मछली पकड़ने जाता हैं | पर उस दिन उसके हाथ सिर्फ एक ही मछली लगती हैं पर वो उसे अपने घर ले आता हैं और अपनी औरत से कहता हैं,  इसको को काट कर अपने खाने का इंतजाम करो फिर जब उसकी औरत मछली को कटती हैं,  तो उसके अंदर एक हिरा निकलता हैं jadui machli ka cartoon मछुवारे को जब पता चलता हैं तो वो अपनी औरत से कहता हैं की इस मछली को मत पकाओ में इस हिरे को शहर में लेके जाता हु | 
और इसको बेचके बहोत सारा पैसा आ जायेगा जिससे पूरी जिंदगी ख़ुशी से गुजरेंगे | 

मछुवारा  और जादुई  मछली | Jadui Machli Kahani

यह कहकर मछुवारा शहर की तरफ निकल जाता हैं वो सोच रस्ते में चलते चलते सोचता हैं की इस हिरे को अच्छे भाव में बेचकर बहोत सारा धन कमाऊंगा लेकिन अचानक ही उसके दिमाग में एक विचार आता हैं की हिरे को बेचना इतना आसान नहीं होगा हिरे के खरीदार उसकी सही कीमत नहीं देंगे और उसने व्यपारी से बहस की तो वह राजा के सिपाहियों  के हवाले कर देगा | 
इससे धन तो नहीं मिलेगा लेकिन जेल की हवा जरूर कहानी पड़ेगी | उसने इरादा किया की यह हिरा वह बादशाह को दे देगा और यह सोचकर वह महल की तरफ निकल पड़ा | 

जब वह महल में पहुँचता हैं तो द्वारपाल उससे पूछता हैं की कोण हो तुम ? किस्से मिलने आये हो ? मछुवारा उसको कहता हैं की में बादशाह से मिलने आया हु तब द्वारपाल उसको कहता हैं की भला बादशाह तुझसे क्यों मिलेंगे ? यह सुनकर मछुवारा बहोत उदास  हो जाता हैं और बोलता हैं की उसे बादशाह से किसी भी कीमत पर मिलना हैं,  में उनसे कुछ मांगने नहीं आया हु में बस एक चीज उनको देकर ही चला जाऊंगा द्वारपाल ने बोला अगर में तुझको अंदर बादशाह के पास जाने देता हु तो मुझे सजा मिलेगी तुम पहले वो चीज दिखाओ जो तुम्हारे पास हैं | और में उसको बादशाह तक पंहुचा दूंगा | पर पहले बताओ तो सही की तुम लेके क्या आये हो ? 
फिर मछुवारे ने द्वारपाल  को हिरा दिखाया और  द्वारपाल हिरा लेकर महल के अंदर चला जाता हैं और इधर से कुछ देर बाद वह हाथ में एक रेशम का कपडा लेकर आता हैं jadui machli ki kahani hindi mai और मछुवारे से कहता हैं की हिरे के बदले बादशाह ने तुम यह रेशम का कपडा इनाम में भेजा हैं | 
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मछुवारा निराश होकर कहता हैं बादशाह ने हिरे के बदले यह कपडा दिया हैं तो द्वारपाल कहता हैं की तुम्हे क्या लगता हैं jadui machli story की एक मोती के बदले बादशाह तुम्हे अपनी पूरी रियासत दे देंगे | यह सुनकर मछुवारा दुखी मन से अपने घर चला जाता हैं | 
दरअसल द्वारपाल ने कीमती हिरा बादशाह को दिया ही नहीं था अगले दिन द्वारपाल हिरे को लेकर जोहरी के पास जाता हैं जोहरी द्वारपाल को उस हिरे के बदले दस हजार रूपये दे देता हैं फिर जोहरी सोचता हैं की यह हिरे तो पच्चीस हजार रूपये का हैं आखिर इसको खरीदेगा कोण ? जोहरी इस  हिरे को बेचने के लिए बादशाह के पास जाता हैं तो बडशाह उससे हिरा लेकर अपने राज्य के जोहरी को दिखाते हैं और जोहरी कहता हैं बादशाह सलामत इस हिरे की कीमत लगभग पांच हजार रूपये हैं बादशाह जोहरी से पूछता हैं की सच सच बताओ तुम्हारे पास यहाँ हिरा कहा से आया तो जोहरी ने कहा की मेने यह हिरा आपके महल के द्वारपाल से ख़रीदा हैं | 
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तो द्वारपाल को भी बुला लिया जाता हैं तो बादशाह उससे पूछता हैं की तुम्हारे पास यह हिरा कहा से आया ? द्वारपाल डर कर बादशाह से सारी बात बता दे ता हैं | बादशाह द्वारपाल से मछुवारे का  नाम पता पूछता हैं पर द्वारपाल कहता हैं की में उसको नहीं जनता हु अगले दिन पुरे राज्य में यह ऐलान कर दिया जाता हैं की सभी को महल में हाजिर होना हैं बादशाह जोहरी और द्वारपाल को भी बुलाता हैं दूसरे दिन द्वारपाल मछुवारे को पहचान जाता हैं और बादशाह के पूछने पर सारा माजरा बादशाह को बता देता हैं |  
तब बादशाह ने अपन द्वारपाल को जेल  में डाल दिया और मछुवारे को सही कीमत अदा कर सम्मान के साथ उसे विदा करता हैं और मछुवारा पैसे लेकर ख़ुशी ख़ुशी अपने घर चला जाता हैं |  

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