संगत का असर | पिता और गुस्सैल पुत्र | Moral Stories for Kids in Hindi | Hindi Kahaniya

संगत का असर | Compatible Effect | Moral Stories in Hindi | Hindi Kahaniya

संगत का असर | Compatible Effect | Moral Stories in Hindi

एक अध्यापक अपने शिष्यों के साथ घूमने जा रहे थे रास्ते में वे अपने शिष्यों को अच्छी संगत की महिमा समझा रहे थे Moral Stories in Hindi For Class 7 लेकिंन शिष्य इसे समझ नहीं पा रहे थे तभी अध्यापक ने फूलो से भरा एक गुलाब का पौधा देखा उन्होंने एक शिष्य को उस पौधे के निचे से तत्काल एक मिट्टी का ढेला उठाकर ले आने को कहा 

जब शिष्य ढेला उठा लाया तो अध्यापक बोले इसे अब सूंघो शिष्य ने ढेला सुंघा और बोलै गुरु जी इसमें से तो गुलाब की बड़ी अच्छी खुशबु आ रही New Moral stories in Hindi तब अध्यापक बोले बच्चो जानते हो इस मिट्टी में यह मनमोहक महक कैसे आई 

दरअसल इस मिटटी पर गुलाब के फूल टूट कर गिरते रहते है तो मिटटी भी गुलाब की महक आने लगी हैं Moral Stories in English जो की ये असर संगत का हैं और जिस प्रकार गुलाब की पंखुड़ियों की संगति के कारन इस मिटटी में से गुलाब की महक आने लगी उसी प्रकार जो व्यक्ति जैसी संगति में रहता हैं उसमे वैसे ही गुणदोष आ जाते हैं 

शिक्षा इस शिक्षा प्रद कहानी से सीख मिलती हैं की हमें सदैव अपनी संगत अच्छी रखनी चाहिए Good Moral Stories

पिता और गुस्सैल पुत्र | Father and Angry Son | Short Moral Stories

पिता और गुस्सैल पुत्र  Father and Angry Son  Short Moral Stories

एक पिता ने अपने गुस्सैल बेटे से तंग आकर उसे किलो से भरा एक थैला देते हुए कहा तुम्हे जितनी बार क्रोध आये 10 Lines Short Stories with Moral तुम थैले से एक की निकाल का बाड़े में ठोक देना 

बेटे को अगले दिन जैसे ही क्रोध आया Short Stories with Moral उसने एक कील बाड़े की दीवार में ठोक दी यह प्रक्रिया वह लगातार करता रहा 

धीरे धीरे उसकी समझ में आने लगा की कील ठोकने की व्यर्थ मेहनत करने से अच्छा तो अपने क्रोध पर नियंत्रण करना हैं और क्रमश कील ठोकने की उसकी संख्या कम होती गई 

एक दिन ऐसा भी आया की बेटे ने दिन में एक भी कील नहीं ठोकी 

उसने ख़ुशी ख़ुशी यह बात अपने पिता को बताई वे बहुत प्रसन्न हुए 5 Line Short Stories with Moral और जिस दिन तुम्हे लगे की तुम एक बार भी क्रोधित नहीं हुए उस दिन ठोकी हुयी किलो में से एक एक कील निकाल लेना 

बेटा ऐसा ही करने लगा एक दिन ऐसा भी आया की बाड़े में एक भी कील नहीं बची उसने ख़ुशी ख़ुशी यह बात अपने पिता को बताई 
पिता उस लड़के को बाड़े में लेकर गए और किलो के छेद दिखाते हुए पूछा क्या तुम यह छेद भर सकते हो 

बेटे ने कहा नहीं पिताजी 

पिता ने उसके कंधे पर हाथ रखते हुए कहा अब समझे बेटा क्रोध में तुम्हारे द्वारा कहे गए कठोर शब्द दूसरे के दिल में ऐसे छेद कर देते हैं Moral Stories with Pictures जिनकी भरपाई भविष्य में तुम कभी नहीं कर सकते 

शिक्षा जब भी आपको क्रोध आये तो सोचियेगा की कही आप भी किसी के दिल में कील ठोकने तो नहीं जा रहे हैं Short Moral Stories for Kids

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