जादुई दरवाजा | Jadui Darwaza ki Kahani | Magical Door ~ thekahaniyahindi

जादुई दरवाजा | Jadui Darwaza ki Kahani | Magical Door | Bhutiya Darwaja 

जादुई दरवाजा | Jadui Darwaza ki Kahani | Magical Door :- हेलो दोस्तों कैसे हो आप सब ? आपका फिर हाजिर हैं, एक नई जादुई कहानी (Jadui Kahani) के साथ।
दोस्तों अगर आप Google पर अगर जादुई दरवाजा | Jadui Darwaza ki Kahani | Magical Door की कहानी ढूंढ रहे हैं तो आप बिलकुल सही जगह आये हो।
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जादुई दरवाजा | Jadui Darwaza ki Kahani | Magical Door की इस कहानी में हम जानेंगे की कैसे तीन दोस्त लाखो करोडो रूपये और लड़कियों के साथ ऐश करने के लिए एक रहस्य मयी दुनिया में जाते हैं |
उनके साथ आगे क्या होता हैं यह जानने के लिए तो आपको स्टोरी पूरी पढ़नी पड़ेगी।

जादुई दरवाजा | Jadui Darwaza ki Kahani | Magical Door ~ thekahaniyahindi
जादुई दरवाजा | Jadui Darwaza ki Kahani | Magical Door ~ thekahaniyahindi

जादुई दरवाजा | Jadui Bhutiya Darwaza ki Kahani | Jadui Kahani

जादुई दरवाजा | Jadui Darwaza ki Kahani | Magical Door - यह कहानी तीन दोस्तों के बारे में हैं जो अपने परिवार से नाराज होकर गाँव से निकल गए थे वह तीनो दोस्त पैदल चलते हुए शहर की तरफ बढ़ रहे थे | 

शहर गांव से काफी दूर था | कुछ दूर चलने के बाद तीनो थक गए | 

क्योकि दिन का समय था दिन में बहोत गर्मी थी तेज धुप पड़ रही थी | तेज सूरज की गर्मी को देख कर श्याम बोला यार बहोत तेज धुप हो रही हैं और अभी तो बहोत दूर जाना हैं | 

और इस तेज धुप और गर्मी  की वजह से मुझसे तो चला भी नहीं जा रहा हैं | हालत जरूरत से ज्यादा ख़राब  हैं | 
श्याम की बात सुनकर मोनू कहता हैं हां तुम सही कह रहे हो अब तो एक एक कदम चलना मुश्किल हो गया अब तो लग रहा हैं रस्ते  गिर न जाये अब तो जल्दी से कही आराम करने का बंदोबश्त करो यार | 
मोनू  की बात सुनकर श्याम कहता हैं की यार इस घने बीहड़ में आराम करने की जगह कहा मिलेगी | 
श्याम मोनू और गुड्डू तीनो बोलते बोलते आगे बढ़ रहे थे तभी उन लोगो को बड़ा सा बरगद का पेड़ दिखाई दिया | 
पेड़ को देखकर तीनो दोस्त बहोत खुश हुए और जैसे तैसे पेड़ तक पहोच कर चैन की साँस ली | और उसकी छाया में बैठकर आराम करने लगे |  
तीनो आपस में बाते करने लगते हैं की कितनी ठंडक हैं इसकी छाया में अब थोड़ा  सुकून मिला हैं कुछ देर यही आराम किया जाये | 
दो चार घंटे आराम करके निकल जायेंगे | और आराम करते करते सो जाते हैं | उन्हें सोते सोते दोपहर से शाम हो जाती हैं | कोई नहीं उठता हैं | 
थोड़ी देर बाद अचानक गुड्डू  खुलती हैं वह उठकर बाकि दोनों को उठता हैं | तो मोनू बोलता हैं यार थोड़ा और आराम करने दे | तब गुड्डू बोलता हैं शाम हो गई जल्दी उठ कर निकलना पड़ेगा | 
गुड्डू की बात सुनकर दोनों उठ जाते हैं | और अपने रस्ते पर आगे बढ़ जाते हैं | चलते चलते रात हो जाती हैं तभी अँधेरे में गुड्डू को गुफा दिखती हैं तो वह अपने दोस्तों कहता हैं यार देख वह एक गुफा हैं तो श्याम बोलता हैं अपने को गुफा का क्या करना हैं | समय ख़राब न करके आगे बढ़ते हैं | हमे जल्दी पहोचना हैं | 

जादुई दरवाजा | Jadui Darwaza ki Kahani | Magical Door ~ thekahaniyahindi

तभी गुफा के अंदर एक तेज रौशनी होती हैं गुड्डू रौशनी को देखकर कहता हैं  की यार एक बार चलकर  देखना चाहिए की अंदर हैं क्या उसके ? 
गुड्डू की बात मानकर श्याम और मोनू भी गुफा की और चल देते हैं और थोड़ी देर में ही तीनो दोस्त अंदर पहोच जाते हैं तभी श्याम को एक चांदी का सिक्का जमीन पर मिलता हैं | 
सिक्का उठाकर श्याम बोलता हैं यार मुझे चांदी का सिक्का मिला हैं | दोनों दोस्त बोलते हैं हां यह तो सच में एक चांदी का सिक्का हैं हमें और अंदर जाना चाहिए हो सकता हो अंदर बड़ा खजाना मिल जाये |
पर  अब गुड्डू उन दोनों को समझाता हैं की अंदर खतरा भी हो सकता हैं हमें आगे बढ़ जाना चाहिए | 
पर श्याम और मोनू नहीं मानते और गुड्डू को भी मज़बूरी में उन दोनों के साथ जाना पड़ता हैं | जैसे ही गुफा के और अंदर जाते हैं उन सबकी नजर सामने तीन बड़े से दरवाजे पर टिक जाती हैं| 
तीनो दरवाजे काफी बड़े थे मोनू कहता हैं लगता हैं इन दरवाजो के अंदर खजाना हैं पर दरवाजे पर कुछ लिखा हुआ हैं | तब श्याम कहता हैं हां यार लिखा हुआ तो हैं पर समज नहीं आ रा हैं |  
क्योकि मोनू और श्याम दोनों को लिखा हुआ समझ नहीं आता हैं पर गुड्डू को लिखा समझ आ जाता हैं | उसके दोस्त कहते  हैं जल्दी बता क्या लिखा हुआ हैं | तब गुड्डू बोलता हैं इस पर लिखा हुआ हैं की इन तीनो दरवाजो में से सही दरवाजा  खोलना हैं और गलत दरवाजा चुना तो सभी लोग नरक में चले जाओगे | 
गुड्डू की बात सुनकर मोनू बोलता हैं लगता हैं तू हमें डरा रहा हैं और मोनू और श्याम गुड्डू की बात नहीं मानते हैं | तभी पहले जादुई दरवाजे से एक आवाज आती हैं मेरे पास आ जाओ मेरे पास बहोत सारा खजाना हैं | 
तभी दूसरे दरवाजे से भी यही आवाज आती हैं और यही बात दोहराई जाती हैं इस आवाज को सुनकर तीनो दोस्त डर जाते हैं | 

गुड्डू कहता दोस्तों यहाँ से चलो यहाँ खतरा हैं | तभी श्याम बोलता हैं तू डरपोक हैं यार थोड़ा सबर कर | तभी तीसरे दरवाजे से भी यही आवाज आती हैं और वही बात दोहराई जाती हैं | 

गुड्डू फिर बोलता हैं यार यहाँ बहोत खतरा हैं चलो यहाँ से | पर मोनू और श्याम उसकी बात न मन कर तीसरे दरवाजे में चले जाते हैं | 
गुड्डू बहार चला जाता हैं और उन दोनों का इंतजार करता हैं थोड़ी देर बाद वापस गुफा में तेज रौशनी होती हैं और फिर बंद हो जाती हैं | 
गुड्डू वापस गुफा में जाता हैं और देखता हैं की उसके दोनों दोस्त वह नहीं थे वे दोनों अंदर जादुई दरवाजे में फंस चुके थे | गुड्डू रोता हुआ कहता हैं मेरी बात नहीं मानी इसके कारन वह उस नरक में फंस चुके हैं | 
और गुड्डू वहा से चला जाता हैं | 

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धन्यवाद 


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