Achhi Kahaniya | Bakri ki Saheliya | Dosti ki Parakh ~ thekahaniyahindi

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अच्छी कहानिया : बकरी की सहेलियाँ (दोस्ती की परख) | Achhi Kahaniya | Bakri ki Saheliya | Dosti ki Parakh ~ thekahaniyahindi
हेलो दोस्तों आपका भाई फिर हाजिर एक नई अच्छी कहानिया : बकरी की सहेलियाँ (दोस्ती की परख) के साथ | 

तो दोस्तों यह एक बच्चो के लिए बहोत ही इंटेरेटस्टिंग कहानी हैं | यह अपने  घर के बच्चो पढ़ाये सुनाये |

 इससे उनको अपने जीवन में काफी अच्छी सीख मिलेगी | तो दोस्तों यह नई अच्छी कहानिया : बकरी की सहेलियाँ (दोस्ती की परख) की बहोत ही शार्ट हैं | तो इसे पूरी पढ़े |

अच्छी कहानिया : बकरी की सहेलियाँ (दोस्ती की परख)

Achhi Kahaniya | Bakri ki Saheliya | Dosti ki Parakh ~ thekahaniyahindi
Achhi Kahaniya | Bakri ki Saheliya | Dosti ki Parakh ~ thekahaniyahindi

एक बार की बात है, एक बकरी थी। वो बहुत खुशी-खुशी अपने गांव में रहती थी। वो बहुत मिलनसार थी।

बहुत सारी बकरियां उसकी सहेलियाँ थीं। उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।

वो सभी से बात कर लेती थी और सभी को अपना दोस्त मान लेती थी।


सभी कुछ अच्छा चल रहा था।

लेकिन एक बार वो बकरी बीमार पड़ी और इस कारण वह धीरे-धीरे कमजोर होने लगी इसलिए अब वो पूरा-पूरा दिन घर पर ही बिताने लेगी।

बकरी ने जो खाना पहले से अपने लिए जमा करके रखा था, अब वो भी खत्म होते जा रहा था।

एक दिन उसकी कुछ बकरी सहेलियाँ उसका हाल-चाल पूछने उसके पास आईं, तब ये बकरी बड़ी खुश हुई।

इसने सोचा कि अपनी सहेलियों से कुछ और दिनों के लिए वह खाना मंगवा लेगी।

लेकिन वे बकरियां तो उससे मिलने के लिए अंदर आने से पहले ही उसके घर के बाहर रुक गईं और उसके आंगन में रखा उसका खाना घास-फूस खाने लगीं।

ये देखकर अब इस बकरी को बहुत बुरा लगा और समझ में आ गया कि उसने अपने जीवन में क्या गलती की?

अब वो सोचने लगी कि काश! हर किसी को अपने जीवन का हिस्सा व दोस्त बनाने से पहले उसने उन्हें थोड़ा परख लिया होता है, तो अब इस बीमारी में उसकी मदद के लिए कोई तो होता।

तो दोस्तों अच्छी कहानिया : बकरी की सहेलियाँ (दोस्ती की परख) की यह बच्चो की आप लोगो को जरूर पसंद आई होगी धन्यवाद दोस्तों


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