Roti Pyaz Mangne Wali Chudail ki Hindi Kahani ~ thekahaniyahindi

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Raat Wali Chudail Ki Kahani | New Roti Pyaz Mangne Wali Chudail Story in Hindi

हेलो दोस्तों कैसे हो आप सब ? तो दोस्तों आज आपका भाई आपके लिए फिर हाजिर एक नई भूतिया स्टोरी के साथ | 

दोस्तों Roti Pyaz Mangne Wali chudail ki Hindi Kahani की स्टोरी बहोत ही डरावनी और सच्ची हैं |

तो इसे पूरी जरूर पढ़े | उम्मीद हैं दोस्तों यह New Chudail ki Hindi Kahani आप लोगो को जरूर पसंद आएगी  की यह 

रात वाली चुड़ैल की हिंदी कहानी | Roti Pyaz Mangne Wali Chudail ki Hindi Story

Roti Pyaz Mangne Wali Chudail ki Hindi Kahani ~ thekahaniyahindi
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एक समय की बात है अकाल गढ़ मैं कभी भी अकाल नहीं पड़ा था तब भी इसका नाम अकाल गढ़ था!

और अकाल अब पड़ता है तब भी इस गांव का नाम अकाल गढ़ है!इस गांव के अकाल पड़ने की भी एक कहानी है! 

अकाल गढ़ मैं दो भाई नीरज और राजू अपनी बीवी के साथ बढ़िया रहा करते थे! राजू और नीरज मैं अच्छी बनती थी! 

नीरज का विवाह नहीं हुआ था! पर होने वाला था! कुछ दिनों बाद नीरज की भी शादी हो गयी! कुछ दिनों तक तो ठीक ठाक चलता रहा! 

पर उनकी बीवियों मैं आपस मैं नहीं बनती थी!तो उन्होंने अलग-अलग रहने का फेसला किया दोनों अलग-अलग रहने लगे राजू अलग होने पर बहुत कामचोर हो गया था!

पहले वह भाई नीरज के साथ थोडा बहुत काम काज कर लिया करता था !वह दिन दिन और काम चोर होता गया और उसकी आर्थिक स्थिति ख़राब हो गयी | 

और नीरज अपना काम काज सही करता रहा उसने अपनी मेहनत से काफी अनाज खेत से उगाया यह सब देख-देख कर उसका भाई राजू बहुत जलता था! 

पर नीरज अपनी तरफ से सही था एक दिन राजू और उसकी पत्नी ने मिलकर नीरज की पत्नी को रात मैं मार दिया नीरज किसी काम से बाहर गया हुआ था!

दोस्तों वह रात अमावश्या की रात थी!चाँद अपनी पूरी रौशनी पर था तारे टिम-टिमा रहे थे!रात बिलकुल शांत थी उन्होंने पहले उन दोनों ने उसके घर कूदकर पहले सारा अनाज चुरा लिया | 

जब नीरज की पत्नी को पता चला कि उसके अनाज कि कोई चोरी कर रहा है तब उसने उठकर देखा तो राजू और उसकी बीवी अनाज चुराने मैं लगे थे!


तब नीरज कि बीवी ने कहा कि आप यह क्या कर रहे हो अपने ही घर मैं चोरी यह सुनकर राजू और उसकी बीवी ने सोचा कि अगर इसने गांव वालों को बता दिया तो वो लोग हमे गांव से ही निकाल देंगे | 

इस डर के मारे उन्होंने उसकी पत्नी को मार डाला और दूर जंगल मैं गाढ़ के आ गए!सुबह जब नीरज घर पहुंचा तो देखा की उसका अनाज नहीं हैं थोडा बहुत बचा था वह बिखरा पड़ा था! 

जब उसने अपनी पत्नी को आवाज लगायी पर कोई जवाब नहीं आया उसने सारे घर को छान डाला पर वो कहीं नहीं मिली | 


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 फिर उसने अपनी भाभी से पूछा कि मेरी बीवी कहाँ गयी तो उसने हडबडा के बोला मुझे नहीं पता कल शाम तक तो घर पर ही थी |

इतना पूछ कर उसने पड़ोसियों से पूछा तो किसी ने कहा पता नहीं और किसी ने बताया शाम तक तो घर पर ही थी वो बहुत घबरा गया |

और कुछ लोगों को बताया कि घर का सारा अनाज किसी ने चुरा लिया है और मेरी बीवी का भी पता नहीं है कि कहाँ हे वो उसने घर जाके फिर देखा तो उसे उन गेंहू से एक चाक़ू मिला और कुछ खून भी पड़ा था | 

उसे सब कुछ समझ मैं आ गया कि उसे किसी ने मार के सारा अनाज चुरा लिया है!

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तब उसने अपनी छत पर जाकर देखा तो उसे कुछ अनाज भी गिरा मिला तो उसे अपने भाई राजू पर शक हुआ पर नीरज वैसे भी अपने भाई राजू कि बहुत इज्जत करता था इसलिए उसने कुछ कहा नहीं!

तब एक दिन राजू ने कहा कि तू अकेला मत रह हमारे साथ ही आजा हम साथ ही रहेंगे वह राजू को मना तो नहीं कर सकता इसलिए वह उसके साथ मन मार के रहने लगा! 

गांव के कुछ लोग उसकी बीवी को गंदी औरत कहने लगे और कहते थे कि सारा अनाज लेकर भाग गयी बेचारा नीरज अकेला रह गया चुड़ैल कहीं कि यह सब बातें उसे सुनने को मिल रही थी! 

वह बेचारा क्या करता अपने भाई को कुछ नहीं कह सकता था!एक दिन कि बात है गांव के कुछ लोग जंगल से लकड़ी लेने गए थे!

 तो वे लकड़ी काट ही रहे थे तब उन्हें किसी स्त्री के रोने कि आवाज सुनाई दी तो उन्होंने कहा कि इस जंगल मैं कौन रो रहा है कहीं कोई रास्ता तो नहीं भटक गया |

तो वो लोग जिधर से आवाज आ रही थी उसी तरफ चल दिए कुछ दूर चलकर उन्होंने देखा कि एक औरत एक पेड़ के नीचे बेठ कर रो रही है!जबतक वो उसके पास पहुंचते वह गायब हो गयी! 

उन लोगों ने जब इस तरह का द्रश्य देखा तो वो घबरा गए उनके तो पसीने छूटने लगे तब एक आवाज आई की अब तुम लोग कभी भी इस जंगल से लकड़ी नहीं काटोगे | 

 और जो भी यहाँ लकड़ी काटने आएगा वो जिन्दा वापस नहीं जायेगा और तुम लोग मुझे चुड़ैल कहते हो न तो चुड़ैल सही आज से तुम्हारे गांव मैं कभी पानी नहीं बरसेगा | 

तुम लोग भूखे मरोगे यहाँ सिर्फ अकाल पड़ेगा और अमावाश की रात एक लाश तुम्हारे गांव मैं ज़रूर मिलगी जाओ तुम सब गांव वालों को जा कर बता दो आज से तीन दिन बाद अमावस्या है! 


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एक आदमी की मौत ज़रूर है!जिसने भी मुझे मारा है वो बचेगा नहीं मेरा अनाज खा कर के मुझे चुड़ैल कहते हो गांव वालो मैं तुम्हे छोडूंगी नहीं| 

 आज मैंने तुम्हें बख्स दिया जाओ जाओ चले जाओ मेरे जंगल से मुझे अकेला छोड़ दो जाओ और फिर रोने लगी वो लोग डर गए यह सब क्या था स्त्री रोने का कारण क्या था!

एक आदमी बोला अरे वह कह रही तो थी की मेरा अनाज चुरा लिया और मुझे मार दिया इसका मतलब यह नीरज की बीवी थी जिसे किसी ने अनाज के लिए मार डाला है और वह चुड़ैल बन गयी है!

तभी एक दम एक भयानक चेहरा उनके सामने आया तुम लोग अभी तक गए नहीं जाओ यहाँ से वरना मैं तुम्हे भी मार दूंगी!

उनके तो होश उड़ गए भागो भागो चुड़ैल-चुड़ैल ऐसा कहते हुए वह गांव पहुंचे सारे के सारे ऐसे हांफ रहे थे!

जिन्दगी मैं इतना कभी नहीं भागे होंगे गांव वालों ने इस तरह उन्हें भागते हुए देखा तो कहने लगे क्या हुआ चुड़ैल-चुड़ैल बके जा रहे हो आगे भी कुछ बोलो अरे तुम्हें बोलने की पडी है हमारी जान पर बनी है!

अरे पर हुआ क्या तुम लोग इस तरह क्योँ हांफ रहे हो बताते हैं!बताते हैं पहले सांस तो लेने दो तब उन्होंने गांव वालो को बताया कि नीरज कि बीवी चुड़ैल बन गयी है!

और उसने हम से कहा है कि मेरा अनाज किसी ने चुरा कर किसी ने उसे मार के जंगल मैं दफना दिया है!

और वह कह रही थी कि अब तुम्हारे गांव मैं कभी पानी नहीं बरसेगा और हर अमावस्या को एक आदमी कि म्रत्यु होगी जब तक उसकी आत्मा को शांति नहीं मिल जाएगी तब तक यूँही वो लोगो को मारती रहेगी!

एक आदमी ने पुछा पर नीरज कि बीवी को मारा किसने कुछ लोगो ने कहा पता नहीं कोई तो है इस गांव मैं जिसने यह पाप किया है | 

कि एक हिन्दू औरत को दफना दिया पर जिसने भी यह काम किया है उसकी बजह से सारा गांव मुसीबत मैं पड़ गया है!

यह बात सुनकर राजू भी वहां पहुँच गया और सब बातें सुनकर उसके होश उड़ गए और वह घबरा सा गया और कहने लगा वो चुड़ैल कोई और होगी वह चुड़ैल नहीं बन सकती वह तो अनाज लेकर भाग गयी है!

कुछ गांव वालों ने कहा वो तो अमवस्या को ही पता चलेगा कि किसने उसकी हत्या कि थी!चलो आने अपने घर जाओ सब लोग जो होगा देखा जायेगा!


राजू के चेहरे पर तो १२ बज ही गए थे और वह भागता हुआ अपनी बीवी के पास पहुंचा और बोला कि हम लोग अब नहीं बचेंगे | 

 आज से तीन दिन बाद अमवस्या को वो चुड़ैल हमे मार डालेगी वो बोली तुम पागल तो नहीं हो गए तुम्हारी तबियत तो सही है क्या हो गया है | 

 चुड़ैल हमे मार डालेगी कौन चुड़ैल अरे वही नीरज की बीवी जिसको हमने मार कर जंगल मैं दफना दिया था!

क्या हाँ वो सारे गांव वाले कह रहे थे!नीरज ने यह सारी बातें छुप कर सुन ली थी!

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और अनजान बनकर बोला भइया इतना क्यों डरे हुए हो कौन तुम्हे मार डालेगा राजू अरे नहीं वो तो मैं तुम्हारी भाभी को उस चुड़ैल के बारे में बता रहा था!

फिर यह सुनकर नीरज चला गया पर राजू की रातों की नीद खराब हो गयी वह बहुत डरा हुआ था वह सपने मैं भी उस चुड़ैल को देखकर डर जाता था!

वो और उसकी पत्नी बहुत परेशान थे उसकी पत्नी सोचती थी कि पहले वो मुझे मारेगी और वो अपनी सोचता था!

दोनों ही डरे हुए थे उन्हें समझ मैं नहीं आ रहा था कि क्या करे !दो दिन ऐसे ही निकल गए तीसरे दिन अमावास थी सारा गांव डरा हुआ था सब लोग यही बात कर रहे थे पता नहीं आज किसकी मौत है!

शाम होते ही सब लोग दरवाजा बंद कर के जाग रह थे नीरज तो बे फिक्र होके बाहर ही सो रहा था!गांव वालों को तो उस मनहूश घडी का इंतज़ार था!सारे गांव वाले डरे हुए थे!

कुत्ते भोंक रहे थे पता नहीं कौन सी कयामत आने वाली है!अचानक किसी स्त्री की रोने की आवाज सुनाई दी सारे लोग डर गए वो समझ गए की वो आ चुकी है!

नीरज ने देखा कि एक औरत रोते हुए उसकी और आ रही है बाल फिकरे हुए चेहरे पर चांदनी रात मैं उसकी आंखें चमक रही थी!

वह पहले तो डरा वह उसके पास आकर बोली तुमने मेरी खबर तक नहीं ली कि मैं कहाँ चली गयी हूँ तुम भी इन गांव वालों की बातो मैं आ गए तुम्हे पता है जब तुम उस दिन बाहर गए थे |

उस दिन इन लगों ने मुझे मारकर सारा अनाज चुरा लिया था!हाँ मैं जानता था कि कुछ तो जरूर हुआ है पर तुम इस हालत मैं मैं कभी सोच भी नहीं सकता और तुम मेरे भाई को मारने के लिए यहाँ आई हो|

जाओ लौट जाओ भगवान् ने चाह तो सब कुछ ठीक हो जायेगा मैं भगवान् से प्रार्थना करूंगा!वो चिल्लाई नहीं तुम्हे तो मेरे साथ होना चाहिए था तुम भी इन गांव वालों कि तरह बन गए भगवान् क्या ख़ाक ठीक करेगा | 

अब मैं इस गांव को बर्बाद करूंगी और तुम्हे क्या लगता है कि मैं तुम्हारे कहने पर तुम्हारे भाई को छोड़ दूंगी नहीं मैं इस दिन के लिए कितना रोई हूँ और कितना तड्पी हूँ | 

मैं उसे नहीं छोड़ने वाली उन दोनों मैं से एक कि मौत आज ज़रूर है!

नीरज नहीं तुम ऐसा नहीं कर सकती तुम मेरे बीच मैं मत आओ नहीं मैं भूल जाऊंगी कि तुम मेरे पति हो हट जाओ!

उसने उसे रोकने की कोशिश कि उसने नीरज को ऐसा धक्का मारा नीरज हवा मैं उडाता हुआ जमीन पर आ गिरा और वह बेहोश हो गया!यह सब राजू की बीवी गेट के छेद से देख रही थी!

उस चुड़ैल ने गेट मैं धक्का मारा और उसकी बीवी के बाल पकड़ के बोली चुड़ैल तो तू है तुने मेरा सब कुछ छीन लिया अब तुम्हें नहीं छोडूंगी उसने राजू की बीवी का कलेजा चीर के उसका दिल निकाल लिया | 

हां हा हा हा अब मुझे थोडा सुकून मिलेगा अब की बार तेरी बारी है कहाँ छुपा है तू और हाँ गांव वालो तुम भी कान खोल के सुन लो आने वाली अमावाश को तुम भी नहीं बचोगे | 

 सब के सब मरोगे हां हां हां हां बहुत सताया है! तुम लोगो ने और हँसती हुई जंगल की और चली गयी! 

सारे गांव वाले बाहर आ गए और नीरज को उठाया और उसे पानी पिला कर होश मैं लाये!उसने अपनी भाभी को मारा हुआ देख वह खूब रोया तब तक राजू भी बाहर आ गया | 

उसने यह सब देख उसकी भी आँखों से आंशू निकल गए सारा गांव रो रहा था! सुबह उसके शव को जलाया सारे गांव वाले राजू से भला बुरा कह रहे थे|

 कि इसकी बजह से हम सब लोग एक दिन ऐसे ही मरेंगे सारे गांव वाले हाँ इसकी ही बजह से हमारे लिए यह मुसीबत खडी हुई है!

इसको तो नरक भी नहीं झेलेगा अपने ऐसे भाई के साथ तुने धोका किया है!तो (दोस्तों यह थी एक अमावास कि रात कि एक चुड़ैल की कहानी अब सुनो आगे की दास्ताँ!

कि किस प्रकार उस गांव मैं दुबारा शान्ति आई!) नीरज शांत हो जाओ भगवान् हमारी मदद जरूर करेगा ऐसा तो कोई होगा जिसे हमारी मदद के लिए भगवान् भेजेगा कोई खुदा का नेक बन्दा ही अब हमे बचा सकता है!

दोस्तों जब फिल्म मैं विलन होता है! तो एक हीरो का भी होना जरूरी होता है! तो सुनो कहानी का अगला पार्ट अब तो सब लोग बस भगवान् से प्रार्थना करने लगे है | 

भगवन हमे इस मुसीबत से निकालो है प्रभु अब तो हम तुम्हारी शरण मैं है भगवान् तो बस किसी न किसी बहाने से जो लोग भूल उन्हें भूल जाते है उनको याद दिलाते है | 

तभी तो कहते है दुख में सुमिरन सब करैं और दुःख मैं करे न कोय,और जो सुख मैं सुमिरन करे तो दुःख काहे को होय!तो दोस्तों भगवान् भी बड़े दयालु हे तुरंत छमा भी कर देते है!

तो उस गांव मैं किसी की मौत आने से पहले भगवान् ने एक फरिस्ते को उस गांव मैं भेज दिया उसका नाम था विराट वह भगवान् को मानने वाला एक नेक बन्दा था!वह किसी काम से वहां से गुजर रहा था! 

रात होने वाली थी इसलिए उसने सोचा की क्योँ न मैं रात भर यहीं ठहर जाऊं!वह उस गांव कि और चल दिया कमर मैं तलवार लटकाए हुए राजाओं जैसे कपडे पहने हुए वह पहुंचा | 

गांव मैं अजनबी को देख कर कुछ लोगो ने पुछा कि तुम कौन हो कहाँ से आये हो उसने कहा कि मैं विराट हूँ और किसी काम से यहाँ से गुजर रहा था रात होने वाली है | 

तो सोचा क्योँ न मैं यहाँ रात भर रुक जाऊं एक गांव वाले ने पूछ अच्छा तुम ही वो विराट हो जिसे लोग भगवान् का भेजा हुआ फरिस्ता कहते हैं!उसने कहा हाँ कुछ लोग कहते हैं!

सब लोग उसके पैरों मैं गिर पड़े भगवान् ने हमारी सुन ली तुम जैसे फरिस्ते को भेज दिया हमे बचा लो विराट हमे बचा लो हमे उस चुड़ैल से बचा लो तुम्ही हो जो हमारी मदद कर सकते हैं!

विराट अरे यह क्या कर रहे हो पहले खड़े हो जाओ फिर सब खड़े हो गए अब बताओ बात क्या है तुम इतने घबराए हुए क्योँ लग रहे हो अरे गांव अमिन एक चुड़ैल हम सबको मार डालेगी अरे मैं आ गया हूँ | 

ना सब कुछ ठीक हो जायेगा आओ सारे बताओ मुझे क्या हुआ है तब गांव वालो ने सब कुछ बता दिया और राजू और नीरज को बुलाया और कहा राजू तुमसे जो लालच मैं जो कुछ हुआ बुरा हुआ उसे तुम भूल जाओ | 

और हमारा साथ देकर इस गांव को बचाओ और नीरज तुम अपने बड़े भाई को माफ़ कर दो नीरज मैं तो भाई से कभी गुस्सा भी नहीं हुआ | 

मगर आप लोगों को लगता है कि मैं गुस्सा हूँ तो भाई मुझे माफ़ कर देना और उसने राजू के पैर छु लिए राजू ने उसे उठाकर गले लगा लिया दोनो की आँखों से आंशू निकल रहे थे!

तब विराट ने कहा हमारे पास कल का वक़्त है और परसों अमावास है तुम लोगो को किस किस चीज का इंतजाम करना है!

मैं बताऊँगा अब आप लोग निडर होके अपने घरों मैं सो जाइये सुबह मैं सबको बता दूंगा!विराट को गांव वालों ने बढ़िया पकवान मिठाइयाँ और खूब मेहमान नमाजी की और बढ़िया बिस्तर पर सुलाया | 

सुबह होकर विराट ने सब गांव वालो को इकट्ठा होने को कहा थोड़ी देर मैं सारा गांव इकठ्ठा हो गया तब उसने सबको बताया हम सबको मिलकर उस चुड़ैल को मारना होगा!

मैं सब को बताता हूँ हमे क्या करना है!कल रात पूरे गांव मैं उजाला होना चाहिए कोई भी घर बिन उजाले के नहीं होना चाहिए पूरे गांव को दीपावली की तरह सजा दो और सब लोग घर से बाहर होने चहिये | 

मेरी नजरों के सामने और राजू तुम अपने घर मैं हवन की सामग्री के साथ वहां बैठोगे मैं यहाँ से मंत्र पढूंगा और तुम आहूति दोगे | 

 और नीरज तुम जंगल मैं दो लोगो के साथ उस चुड़ैल की कब्र को खोद कर उसके शरीर को जलना होगा मैं तुम्हे कल सुबह यहीं मिलूंगा अब सब लोग तैयारी करो!उस दिन की रात कब बीते सबको यही इंतज़ार था!

सुबह होते ही विराट ने सब गांव वालो को इकट्ठा किया और कहा तैयारी हो चुकी हैं गांव वाले हाँ हमने अपने घर मैं खूब सारे दीपक तैयार कर के रख दिए हैं!सारी तैयारी हो गयी हैं!

शाम होते ही उसने नीरज से कहा तुम दो लोग लेकर यह लो अभमंत्रित नीबू यह तुम्हें वह कब्र कहाँ है यह बताएगा यह जहाँ भी लाल हो जाये वही उसकी कब्र है!

और यह लो लहशुन की मालायें अपने-अपने गले मैं डाल लो इससे वो तुम्हें छू भी नहीं पाएगी चाहे वो कुछ भी करे तुम डरना मत वो किसी भी तरह तुमसे इस माला को उतारने की कोशिश करेगी | 

पर तुम यह गलती मत करना वरना वो तुम्हें मार देगी अब तुम लोग जाओ अपना ध्यान रखना वो लोग फावड़े उठाकर जंगल की और चले गए इधर सब लोग इकट्ठे होकर बैठे उस चुड़ैल का इंतज़ार कर रहे थे!

उधर राजू अपना आशन लगाये हुए हवन पर बैठा था!रात के बारह बज रहे थे कि किसी के पैरों कि आहट सुनाई दी सब लोग उधर देखने लगे तो क्या देखते हैं कि बाल फिकरे हुए सफ़ेद साडी मैं एक औरत चली आ रही है!

उसने गांव मैं रात रोशनी देख वह रुकी और फिर आगे बढ़ी उसने देखा कि सारे गांव वाले बाहर बेठे हैं जैसे कि उन्हें बिलकुल डर नहीं किसी बात का वह जोर से चिल्लाई |

अरे मूर्खो मरने कि इतनी जल्दी है हा हा हा हा तो यह लो उसने जोर से हवा चलाई कि सारे दीपक बुझ गए सारे गांव मैं अँधेरा हो गया सारे लोग डरने लगे |

 वह कभी इधर धिखे कभी उधर हा हा हा हा हा अब तुम सब लोग मरोगे ऐसा होते देख विराट ने कहा रुक जाओ इन गांव वालो को छोड़ मुझ से लड़ इनसे मैंने कहा था यह सब करने को चुड़ैल बोली तू कौन है!

वह बोला मेरा नाम विराट है और तुम किसी को बिना नुकसान किये हुए यहाँ से चली जाओ वरना मुझे तुम्हे मारना पड़ेगा | 

चुड़ैल तू मुझे मरेगा हा हा हा हा हा यह मुझे मरेगा यह ले उसने उसको अपनी शक्ति से बहुत दूर फ़ैंक दिया और वह दीवार से जा टकराया विराट आ आ आ मेरा सर लगता हे इसे सबक सीखन ही पड़ेगा | 

उसने अपनी तलवार निकाली और उस पर हमला कर दिया वह एकदम गायब हो गयी उसका वार खाली निकल गया अब वो गायब हो गयी बस आवाज सुनाई दे रही थी!

विराट ने भगवान् से प्रार्थना की और आंखें खोली अब उसे वह चुड़ैल दिखाई देने लगी उसने अपने अपनी तलवार से उसके चोट पहुंचा दी | 

अब वह अपने को हारता देख वह राजू की और लपकी विराट ने मंत्र पढना शुरू किये है प्रभु मैं अपने पापो को कबूल करता हूँ मुझे माफ़ कर दो मैं आगे से कभी ऐसी भूल नहीं करूंगा यही राजू दोहरा रहा था!

और वह हवन मैं आहूति दे रहा था!वह उसके ऊपर लपकी उस से पहले ही विराट ने अपनी तलवार निकाली और उसके पेट मैं घुसेड दी तलवार उसके पेट को चीरते हुए पार निकल गयी | 

वो चिल्लाई आ आ आ वो भागती हुयी जंगल की और चली गयी उधर नीरज और उसके दोस्तों को वो कब्र मिल गयी वो उसे खोद ही रहे थे कि उन्हें किसी के चिल्लाने की आवाज आई  |

 वो समझ गए की चुड़ैल आ रही उनके खोदने की स्पीड बढाई और उस की लाश को निकाला वो उस लाश को निकाल पाए ही थे!

की वह वहां आ पहुँची वो उन पर झपटी जैसे ही उसने उन पर हमला करना चाहा वह चीख कर ददोर जा गिरी वह लहसुन को देख कर दूर से ही चिल्लाये जा रही थी!

उसे मत छुओं उसे मत जलाओ तब तक विराट भी उसका पीछा करते हुए वहां आ पहुंचा उसने कहा जल्दी से इस शरीर को जला दो उनके तो हाथ काँप रहे थे | 

माचिस भी नहीं जल रही थी और वह चिल्लाये नहीं नहीं नहीं जा रही थी नहीं मुझे छोड़ दो उसे मत जलाओ मच्चिस जलते ही उसने उसमें आग लगा दी शरीर जलने लगा | 

और वह भी जलने लगी वो आ आ आ आ नहीं मुझे छोड़ दो मुझ पर रहम करो आ आ आ आ आ आ आ आ और वह राख के ढेर मैं परवर्तित हो गयी विराट ने उन तीनो को शाबासी दी | 

और वह गांव वापस आ गए सारे गांव वाले अब बहुत खुश थे! सब ने विराट का धन्यवाद किया सुबह होते ही विराट ने कहा अब मुझे चलना चाहिए सब गांव वालो की आँखों में आंशु आ गए!

और सब को राम-राम कर के विराट आगे बढ़ गया...!!!

 तो दोस्तों आज की Roti Pyaz Mangne Wali Chudail की सच्ची कहानी आप लोगो को बहोत पसंद आई होगी | अगर आपको यह कहानी पसंद आई तो आपके दोस्त, फैमली के साथ शेयर करे | 

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