Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories-17 | बेताल पच्चीसी - thekahaniyahindi

Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories-17 | बेताल पच्चीसी (अधिक साहसी कौन?)


Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories | बेताल पच्चीसी :- हेलो दोस्तों कैसे हो आप सब ? आपका फिर हाजिर हैं, एक नई भूतिया स्टोरी के साथ। दोस्तों अगर आप Google पर अगर Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories | बेताल पच्चीसी सर्च कर रहे हैं तो आप बिलकुल सही जगह आये हो।

आप लोगो ने बहुत सी Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories | बेताल पच्चीसी पढ़ी होंगी । पर में आज आप को बताना चाहता हु की ये कहानियां शुरू कहा से ओर किसने की । उसके बाद एक एक कर सारी कहानिया एक के बाद एक बताऊंगा।


Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories-17 |  बेताल पच्चीसी - thekahaniyahindi
Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories-17 |  बेताल पच्चीसी - thekahaniyahindi

यह भी पढ़े

Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories | वेताल पच्चीसी आरम्भ
Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories - 1 (पापी कौन)
Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories - 2 (पति कौन)
Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories - 3 (पुण्य किसका)
Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories - 4 (ज्यादा पापी कौन)
Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories - 5 (असली वर कौन)
Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories - 6 (स्त्री किसकी)
Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories - 7 (किसका काम बड़ा)
Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories - 8 (सबसे बढ़कर कौन)
Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories - 9 (सर्व श्रेष्ट वर कौन)
Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories - 10 (अधिक त्यागी कौन?)
Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories - 11 (सबसे कोमल कौन?)
Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories - 12 (दीवान की मृत्यु क्यु?)
Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories - 13 (तीनो में अपराधी कौन?)
Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories - 14 (चोर जोर जोर से क्यों रोया और फिर क्यों हंसा?)
Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories - 15 (दोनों में से पत्नी किसकी?)
Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories - 16 (बड़ा काम किसने किया?)
Bani Thani Kishangarh

Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories | बेताल पच्चीसी में हम आपको विक्रम और बेताल के  रहस्य मयी कहानियो की सैर कराने जा रहे हैं, जिसमें प्रवेश करने के बाद आप लोगो को जरूर Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories | बेताल पच्चीसी की कहानियो का आनंद आएगा। तो कहानियो को पूरा पढ़े।  

Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories - 17 | बेताल  पच्चीसी (अधिक साहसी कौन?) 

चंद्रशेखर नगर में रत्नदत्त नाम का एक सेठ रहता था। उसके एक लड़की थी। उसका नाम था उन्मादिनी।

जब वह बड़ी हुई तो रत्नदत्त ने राजा के पास जाकर कहा कि आप चाहें तो उससे ब्याह कर लीजिए। राजा ने तीन दासियों को लड़की को देख आने को कहा।

उन्होंने उन्मादिनी को देखा तो उसके रूप पर मुग्ध हो गईं, लेकिन उन्होंने यह सोचकर कि राजा उसके वश में हो जाएगा, आकर कह दिया कि वह तो कुलक्षिणी है, राजा ने सेठ से इंकार कर दिया।

इसके बाद सेठ ने राजा के सेनापति बलभद्र से उसका विवाह कर दिया। वे दोनों अच्छी तरह से रहने लगे।

एक दिन राजा की सवारी उस रास्ते से निकली। उस समय उन्मादिनी अपने कोठे पर खड़ी थी। राजा की उस पर निगाह पड़ी तो वह उस पर मोहित हो गया। उसने पता लगाया। मालूम हुआ कि वह सेठ की लड़की है।

राजा ने सोचा कि हो-न-हो, जिन दासियों को मैंने देखने भेजा था, उन्होंने छल किया है। राजा ने उन्हें बुलाया तो उन्होंने आकर सारी बात सच-सच कह दी। इतने में सेनापति वहां आ गया। उसे राजा की बैचेनी मालूम हुई।

उसने कहा, ‘स्वामी उन्मादिनी को आप ले लीजिए।’ राजा ने गुस्सा होकर कहा, ‘क्या मैं अधर्मी हूं, जो पराई स्त्री को ले लूं?’

राजा को इतनी व्याकुलता हुई कि वह कुछ दिन में ही मर गया। सेनापति ने अपने गुरु को सब हाल सुना कर पूछा कि अब मैं क्या करूं? गुरु ने कहा, ‘सेवक का धर्म है कि स्वामी के लिए जान दे दें।’

राजा की चिता तैयार हुई। सेनापति वहां गया और उसमें कूद पड़ा।

जब उन्मादिनी को यह बात मालूम हुई, तो वह पति के साथ जल जाना धर्म समझ कर चिता के पास पहुंची और उसमें जाकर भस्म हो गई।

इतना कहकर वेताल ने पूछा, ‘राजन्, बताओ, सेनापति और राजा में कौन अधिक साहसी था?’

राजा ने कहा, ‘राजा अधिक साहसी था; क्योंकि उसने राजधर्म पर दृढ़ रहने के लिए उन्मादिनी को उसके पति के कहने पर भी स्वीकार नहीं किया और अपने प्राणों को त्याग दिया।

सेनापति कुलीन सेवक था। अपने स्वामी की भलाई में उसका प्राण देना अचरज की बात नहीं।

 असली काम तो राजा ने किया कि प्राण छोड़ कर भी राजधर्म नहीं छोड़ा।’

राजा का यह उत्तर सुनकर वेताल फिर पेड़ पर जा लटका। राजा उसे पुन: पकड़कर लाया और तब उसने अठराहवीं कहानी सुनाई।

तो दोस्तों उम्मीद हैं आप लोगो को आज की कहानी Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories | वेताल पच्चीसी में आप लोगो को पसंद आई तो कमेंट करके जरूर बताये और साथ ही दोस्तों Vikram Betal Story in Hindi | Vikram Betal Stories | वेताल पच्चीसी को Facebook, Twitter पर जरूर शेयर करे। आपके विचारो का हमारे यहाँ स्वागत हैं।


धन्यवाद

Tags - vikram betal, vikram and betal, vikram betal serial, vikram betaal ki rahasya gatha

Post a Comment

0 Comments

close